सही जबाब दिया ड्राइवर ने| लम्बे रूटों पर चलने वाली बसों के ड्राइवर तो बेचारे चौबीस घंटे सरकारी बस में ही रहते है,उन्हें तो सोना भी बस में ही पड़ता है| सराय काले खां बस अड्डे पर रात को बसों पर सोते कई ड्राइवर कंडक्टर नजर आ जायेंगे|
बस हार मत मानो | Never Give Up
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अगर आज तुम्हें लग रहा है कि सब कुछ खत्म हो गया है…
अगर बार-बार हारने के बाद दिल कह रहा है — “अब बस…”
तो ज़रा तो ज़रा ठहरिए!
सच बताऊँ?
हार वही महसूस कर...
दया और न्याय का स्थान
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मुसलमानों के लिए यह ज़रूरी है कि वह जान और मान लें कि इस्लाम दया और न्याय का
धर्म है. इस्लाम के लिए इस्लाम के अलावा अगर कोई और शब्द इसकी पूरी व्याख्या
कर सक...
:)))
ReplyDeleteसही जबाब दिया ड्राइवर ने|
ReplyDeleteलम्बे रूटों पर चलने वाली बसों के ड्राइवर तो बेचारे चौबीस घंटे सरकारी बस में ही रहते है,उन्हें तो सोना भी बस में ही पड़ता है| सराय काले खां बस अड्डे पर रात को बसों पर सोते कई ड्राइवर कंडक्टर नजर आ जायेंगे|
अपने भी सोलह घंटे तो बस में ही निकलते हैं।
ReplyDeleteबढ़िया पोस्ट ....
ReplyDeleteहाय हाय ! हम भी चौबीस घंटे वाली पालटी हैं जी घर से दफ़्तर तक हर जगह श्रीमती जी के बस में ही रहना होता है :)
ReplyDeleteये आपने शब्द पुष्टिकरण क्यों लगा रखा है जी
हा हा हा ! यानि पहले सरकार की नौकरी , फिर घर की सरकार की चाकरी ।
ReplyDeleteइस मिर्ची को हटाओ भाई ।
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
ReplyDeleteअधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
sahi jabab :)
ReplyDeleteसही जबाब|धन्यवाद|
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