औरंगज़ेब सिर्फ एक शासक था
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औरंगज़ेब भी दूसरे राजाओं की तरह एक शासक ही था, जिसके अंदर बहुत सारी खूबियाँ
थीं और ऐसे ही बहुत सारी कमियाँ भी थीं, पर उन खूबियों और कमियों का देश के
मुसल...
जनता फांसे नेताओं को, नेता जनता को फांसे
Posted on by Shah Nawaz in
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cartoon,
indian politics
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bhtrin prstuti ..akhtar khan akela kota rajsthan
ReplyDeleteनेता और मछली? ये तो मगरमच्छ हैं। इनके मन में तो हमेशा ही बन्दर का कलेजा खाने की नीयत रहती है। वैसे बढिया कार्टून है।
ReplyDeleteदेखते हैं कौन फंसता है ...शुभकामनायें शाहनवाज़ भाई !
ReplyDeleteदोनों पक्षों की भावनाओं की जीवंत अभिव्यक्ति. शुभकामनाएँ
ReplyDeleteइसीलिए तो कहते हैं कि व्यवस्था बदलनी है। कानून और कायदे ऐसे बनाए जाएं कि किसी को भ्रष्ट तरीके अपनाने की ज़रूरत ही न पड़े।
ReplyDeleteअजब कहानी।
ReplyDeleteशाहनवाज़,
ReplyDeleteबस इतनी सी बात है...खरबूजा छुरी पर गिरे या छुरी खरबूजे पर, कटेगा तो खरबूजा ही...जनता भी खरबूजा है...
जय हिंद...
बहुत खूब ....
ReplyDeleteबहुत खूब ....
ReplyDeleteबहुत खूब ....
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