आपके सहाबा (साथियों) ने जवाब दिया कि "नमाज़"
आपने कहा "नहीं"
सहाबा ने कहा "रोज़ा"
आपने कहा "नहीं"
सहाबा ने कहा "ज़कात"
आपने कहा "नहीं"
तो सबने कहा या रसूल्लाह (स.) फिर आप ही फरमाएं...
आपने कहा "नहीं"
सहाबा ने कहा "रोज़ा"
आपने कहा "नहीं"
सहाबा ने कहा "ज़कात"
आपने कहा "नहीं"
तो सबने कहा या रसूल्लाह (स.) फिर आप ही फरमाएं...
तब आप (स.) ने जवाब दिया कि "इस्लाम का सबसे मज़बूत अमल मुहब्बत है!"
('अहमद' व 'अबुदाऊद' )
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