यह नया पैटर्न है: अहमद बुहारी 31 महीने जेल में रहे, कंपनी बिक गई, फिर कोर्ट
में केस खारिज
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जाँच एजेंसियों के इस्तेमाल पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं, राजनैतिक ही नहीं
कारोबारी डील्स के भी पैटर्न सामने आ रहे हैं, अरविंद केजरीवाल के साथ क्या
हुआ, सबन...
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फासिस्ट तानाशाह होते हैं, उन्हें हर उठती आवाज़ को दमन करना है. जो आज हमारे देश मे फासिस्ट कर रहे हैं.
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