यह नया पैटर्न है: अहमद बुहारी 31 महीने जेल में रहे, कंपनी बिक गई, फिर कोर्ट
में केस खारिज
-
जाँच एजेंसियों के इस्तेमाल पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं, राजनैतिक ही नहीं
कारोबारी डील्स के भी पैटर्न सामने आ रहे हैं, अरविंद केजरीवाल के साथ क्या
हुआ, सबन...
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

इसीलिए कहते हैं कि बच्चों के सामने खूब सोच समझ कर बोलना चाहिए। अब झेलिये पिता महोदय।
ReplyDelete:) बच्चे हैं जी
ReplyDelete:-).....
ReplyDeleteक्या आप भी तो नहीं पिट लिए ....
ReplyDelete:-(
शुभकामनायें आपको !
karara...
ReplyDeleteआइटम के साथ बम लगाना भूल गए क्या...
ReplyDeleteजय हिंद...
मजेदार.....
ReplyDeleteऐसे आयटम हर देश में मिलते हैं। आनन्द आया।
ReplyDeleteबच्चे मन के सच्चे ;) बढ़िया मज़ेदार पोस्ट ...समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है ....http://mhare-anubhav.blogspot.com/
ReplyDeleteअब मैं क्या कहूँ !
ReplyDeleteमां पर पूत , पिता पर घोड़ा !
ReplyDelete‘ये तो मेरे मां-बाप ने मुझ पर थोपा था!’ :)
ReplyDelete:))
ReplyDeleteHa..ha..ha..majedar.
ReplyDeleteआप सभी को क्रिसमस की बधाई ...हो सकता है सेंटा उपहार लेकर आपके घर भी पहुँच जाये, सो तैयार रहिएगा !!
achcha jee.
ReplyDelete