न्याय की भावना से दूर होते हैं कट्टरपंथी

Posted on
  • by
  • Shah Nawaz
  • in
  • Labels:
  • कट्टरपंथी चाहे हिन्दुस्तानी हों, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या फिर कहीं और के... इन सब का मिजाज़ एक ही होता है। इनमे मानने का जज़्बा नहीं होता, मनवाने का होता है। यह लोग अपने खिलाफ उठी आवाज़ को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं कर सकते। न्याय का इनसे दूर का भी वास्ता नहीं होता और यह स्वयं सज़ा देने में विश्वास करते हैं।
    चाहे आस्तिक हों या नास्तिक यह लोग धर्म को केवल अपनी इगो शांत करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, अगर इनको बताया जाए कि उनकी सोच धर्म विरोधी है तो हरगिज़ नहीं मानेंगे।

    0 comments:

    Post a Comment

    Copyright (c) 2010. Chhotibat All Rights Reserved.